इनसो कार्यकर्ताओं को आधी रात घरों से उठाना पुलिस की ज़्यादती- दुष्यंत चौटाला
इससे पहले दोपहर को पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और युवा जेजेपी अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला अपने कार्यकर्ताओं के साथ हिसार सिटी थाना पहुंचे और गिरफ्तार किए गए युवाओं को रिहा करने की मांग की। पत्रकारों से रूबरू होते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि घर में बिना महिला कांस्टेबल के देर रात कार्यकर्ताओं के घर हुई कार्यवाही कतई जायज नहीं है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान वाइस चांसलर कार्यालय के कुछ गमले ही टूटे थे, इसके बावजूद पुलिस ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकारी प्रॉपर्टी को डैमेज करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। सभी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी देर रात हुई थी, लेकिन अभी तक पुलिस ने एफआईआर को ऑनलाइन अपलोड तक नहीं किया है।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पुलिस प्रशासन की कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सैनी की घबराहट को दिखा रही है, क्योंकि आज जेजेपी संगठन जनता की आवाज बन रहा है और लोगों का विश्वास बढ़ रहा है इसलिए भाजपा इससे घबरा गई है और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर संगठन को कमजोर करना चाहती है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हम झुकने वाले नहीं है और हम छात्र हितों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से सवाल भी पूछा कि यदि वाइस चांसलर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पर पुलिस की 12 टीमें रात को कार्यकर्ताओं को घर से गिरफ्तार कर सकती है तो मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि जो लोग आज हरियाणा में खुलेआम फोन पर धमकियां दे रहे हैं, हत्याएं कर रहे हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए सरकार पुलिस की कितनी टीमें बनाने वाली है। उन्होंने कहा कि जितनी तत्परता पुलिस ने देर रात जेजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारी में दिखाई है, इतनी ही तत्परता यदि पुलिस अपराधियों के खिलाफ भी दिखाए तो प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधर जाएगी। दुष्यंत चौटाला ने ये भी कहा कि आज बीजेपी सरकार में विश्वविद्यालय राजनीतिक पार्टियों की ट्रेनिंग सेंटर बनकर रह गए है, लेकिन जेजेपी छात्र हित में सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ती रहेगी। एक सवाल के जवाब में दुष्यंत ने कहा कि 27 अप्रैल को होने वाला इनसो का प्रदर्शन स्थगित नहीं होगा, सरकार को मनमर्जी नहीं करने देंगे।
अपनी गिरफ्तारी देने पहुंचे जेजेपी युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि साजिश के तहत प्रशासन द्वारा उनके कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है, लेकिन वे पुलिस की इस कार्रवाई से डरने वाले नहीं है। दिग्विजय ने कहा कि गमला तोड़ने के जुर्म में कार्यकर्ताओं को जेल में डाला जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर जल्द कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया गया तो वे भी जेल जाने को तैयार है। दिग्विजय ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग उनके खिलाफ चाहे कितनी भी साजिशें कर ले, वे युवाओं की आवाज बुलंद करने से पीछे नहीं हटेंगे। दिग्विजय ने कहा कि हमने युवाओं के हित में प्रदर्शन किया था और आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।