CM सैनी का बड़ा ऐलान, छात्रों को मिलेगी मुफ्त ई-बस सेवा
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने स्कूल और कॉलेज के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए इलेक्ट्रिक बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को पानीपत से 80 सिटी इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और कहा कि इन बसों में भी हरियाणा रोडवेज का स्टूडेंट बस पास मान्य होगा।
पानीपत में इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बसें सिर्फ परिवहन का साधन नहीं हैं, बल्कि हरियाणा के स्वच्छ, आधुनिक और सुलभ भविष्य की शुरुआत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर लगातार काम कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पानीपत में 7 करोड़ रुपये की लागत से बने इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन भी किया। उन्होंने बताया कि राज्य के आठ अन्य जिलों में भी इलेक्ट्रिक बस डिपो का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।
हरियाणा के 10 बड़े शहरों में सिटी बस सेवा संचालित
सीएम सैनी ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण में भी बड़ी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को ग्रीन और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ाना है। फिलहाल हरियाणा के 10 बड़े शहरों में सिटी बस सेवा संचालित हो रही है, जिनमें पानीपत, यमुनानगर, करनाल, पंचकूला और रोहतक शामिल हैं। सरकार अब इस नेटवर्क का तेजी से विस्तार करने की तैयारी में है।
धार्मिक स्थलों के लिए जल्द खरीदी जाएगी 50 नई इलेक्ट्रिक बसें
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे महानगरों के लिए 650 स्टैंडर्ड फ्लोर एसी बसें शुरू की जाएंगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों को बेहतर और आरामदायक सुविधा मिलेगी। इसके अलावा हरियाणा रोडवेज चंडीगढ़ से दिल्ली एयरपोर्ट, गुरुग्राम और चंडीगढ़ से कटरा, सालासर, खाटू श्याम, हरिद्वार और अमृतसर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए 50 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगा।
इलेक्ट्रिक बसों से पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती
सीएम सैनी ने बताया कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा राज्य परिवहन सेवा में 2038 ड्राइवर और 1004 कंडक्टरों की नियमित भर्ती की गई है। साथ ही भारी वाहनों के ड्राइवरों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्यभर में सात नए ड्राइवर ट्रेनिंग संस्थान भी स्थापित किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते इस्तेमाल से न केवल लोगों को बेहतर सफर मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।