मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 474 करोड़ के हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम की प्रगति की समीक्षा की
बैठक में बताया गया कि प्रोग्राम की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट जनवरी 2026 में भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है। यह मंजूरी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा नीति आयोग की स्वीकृति के पश्चात प्रदान की गई। कार्यक्रम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आगामी जून 2026 तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि राज्य के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम के तहत एक लाख से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित करने तथा 100 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल भारतीय एआई मिशन के स्किलिंग एवं वर्कफोर्स डेवलपमेंट, स्टार्टअप फाइनेंसिंग एवं इनक्यूबेशन, कंप्यूटर एवं डेटा सेट, उपयोग मामलों एवं एप्लिकेशन तथा एथिकल एआई गवर्नेंस सहित पांच प्रमुख स्तंभ पर आधारित है।
बैठक में बताया गया कि विश्व बैंक मिशन टीम के 6 एवं 7 अप्रैल को पंचकूला में हुए दो दिवसीय दौरा किया । दौरे के दौरान विभिन्न विभागों से एआई के संभावित उपयोग मामलों की पहचान करने को कहा गया है। इसमें विभागों को अपने सुझाव प्रस्तुत करने हेतु 15 दिनों का समय दिया गया है, जिसके बाद प्राथमिकता वाले उपयोग मामलों को अंतिम रूप दिया जाएगा। राज्य सरकार एआई इनोवेशन सैंडबॉक्स स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जो “निवेश से पूर्व परीक्षण” प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एआई समाधान की पहचान, सत्यापन एवं पायलट परीक्षण दिया जाएगा। यह सैंडबॉक्स पूर्णतः विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित होगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में दो प्रमुख एआई केंद्र स्थापित करने की योजना है। पंचकूला में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के सहयोग से हरियाणा एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी, जो उच्च-क्षमता कंप्यूटिंग अनुसंधान केंद्र के रूप में कार्य करेगी। इसके अतिरिक्त गुरुग्राम में नासकोम के सहयोग से ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं उद्योग सहयोग को बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा तथा युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करेगा।