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  आईआईआईडीईएम के 15वां स्थापना दिवस पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में दी क्षमता निर्माण एवं चुनाव प्रबंधन की जानकारी

 

 भिवानी, 18 जून। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के अधीन कार्यरत इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट यानि अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान ने 15वां स्थापना दिवस मनाया है। इस दौरान 16-17 जून को नई दिल्ली में क्षमता निर्माण एवं रणनीतिक रोडमैप विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें चुनावी प्रशिक्षण व्यवस्था की उपलब्धियों व भविष्य की रणनीति और प्राथमिकताओं पर विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान भारत निर्वाचन आयोग व मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा ने प्रैस कॉन्फ्रेंस कर क्षमता निर्माण एवं रणनीतिक रोडमैप विषय पर विस्तार से जानकारी दी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सम्मेलन में देशभर से 450 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 250 राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर, 50 शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, भारत निर्वाचन आयोग के 30 अधिकारी तथा 100 बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान चुनावी प्रशिक्षण व्यवस्था की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीति और प्राथमिकताओं पर व्यापक चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त गणेश कुमार ने आईआईआईडीईएम को 15 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव जैसे विशाल लोकतांत्रिक आयोजनों के दौरान संस्थान लगभग 1.8 करोड़ अधिकारियों के प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाता है, ताकि वे निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संवैधानिक प्रावधानों, कानूनों और निर्देशों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
इस अवसर पर निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने भारत की इंटरनेशनल आईआईआईडीईएम की अध्यक्षता का उल्लेख करते हुए कहा कि आईआईडीईएम को भारत की सीमाओं से आगे बढक़र चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर की अग्रणी प्रशिक्षण संस्था के रूप में अपनी भूमिका को और सशक्त बनाना चाहिए।
आईआईडीईएम के महानिदेशक श्री राकेश वर्मा ने उद्घाटन संबोधन में कहा कि यह संस्थान चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां अनुभवों का आदान-प्रदान, अनुसंधान और ज्ञान-विकास के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने का कार्य किया जाता है।
दो दिवसीय सम्मेलन में चार प्रमुख रणनीतिक स्तंभों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया, जिनमें राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ बनाना, वैश्विक कार्यक्रमों एवं सहभागिताओं का विस्तार करना, अनुसंधान एवं ज्ञान विकास को प्रोत्साहित करना तथा सतत लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन को बढ़ावा देना शामिल रहा।
सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्रीय प्रशिक्षण नीति के मसौदे, राज्य, जिला एवं विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण मानकों, निर्वाचन प्रबंधन निकायों के लिए नए कार्यक्रमों तथा जमीनी स्तर के चुनाव कर्मियों एवं मतदाता जागरूकता के लिए तैयार की गई वीडियो एवं प्रशिक्षण सामग्री की समीक्षा की गई।
उन्होंने बताया कि दूसरे दिन राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों, राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनरों और राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों के लिए प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, विषयगत समूहों की प्रगति तथा चुनाव आयोग की भावी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आईआईडीईएम द्वारा वर्ष 2011 से अब तक 1,885 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है, जिनसे 1,20,883 प्रतिभागी लाभान्वित हुए हैं।
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मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करें: साहिल
वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी निर्देश देते हुए कहा है कि सभी बीएलओ मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करें। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर पुनरीक्षण के लिए प्रपत्र वितरण का कार्य 15 जून से शुरु हो चुका है, जो कि 14 जुलाई तक चलेगा। उसके बाद 21 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट पब्लिकेशन होगा। 21 जुलाई से 20 अगस्त कि दावे एवं आपत्तियां ली जाएंगी और 21 जुलाई से 18 सितंबर तक उनका निपटारा किया जाएगा। मतदाता सूची का फाईनल प्रकाशन 22 सितंबर को होगा। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1950 भी जारी किया गया है।