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हरियाणा में बस सफर हो सकता है महंगा, निजी बस संचालकों ने किराया बढ़ाने की मांग की

चंडीगढ़:ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद हरियाणा के निजी बस संचालकों ने एक बार फिर यात्री किराए में वृद्धि की मांग उठाई है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के कारण मौजूदा किराया ढांचे के तहत सेवाओं का संचालन करना लगातार कठिन होता जा रहा है।
 
 

चंडीगढ़: ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद हरियाणा के निजी बस संचालकों ने एक बार फिर यात्री किराए में वृद्धि की मांग उठाई है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के कारण मौजूदा किराया ढांचे के तहत सेवाओं का संचालन करना लगातार कठिन होता जा रहा है।

निजी बस संचालकों के अनुसार, राज्य में यात्री किराए में आखिरी बार मई 2020 में संशोधन किया गया था। इसके बाद से डीजल की कीमतों सहित अन्य खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया। वर्तमान में यात्रियों से प्रति किलोमीटर एक रुपये का किराया लिया जाता है, जिसे संचालक अब आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं मान रहे है।

बीते 6 सालों से किराए में कोई संशोधन नहीं 

अंबाला कोऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि अंबाला में 11 विभिन्न रूटों पर 76 निजी बसें संचालित हो रही हैं। इनमें अंबाला-नारायणगढ़, जगाधरी, पिहोवा और पिपली जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बस से चालक, परिचालक और साझेदारों सहित छह से सात परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।

सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि एक बस को प्रतिदिन लगभग 60 से 70 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है। हाल ही में ईंधन की कीमतों में हुई वृद्धि के बाद परिचालन लागत और बढ़ गई है, जबकि पिछले छह वर्षों से किराए में कोई संशोधन नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए किराया बढ़ाने की मांग की। उन्होंने बताया कि निजी बस संचालकों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराएगा।

नए वाहनों की कीमत में भारी बढ़ोतरी

अंबाला के एक अन्य निजी बस संचालक विवेक चौधरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बसों के स्पेयर पार्ट्स, टायर, बैटरी, बीमा और नए वाहनों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन खर्च भी काफी बढ़ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत कई श्रेणियों के यात्रियों को मुफ्त या रियायती यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की अपेक्षा करती है, लेकिन बढ़ती लागत के अनुरूप किराए में संशोधन करने को तैयार नहीं है।

स्टेज कैरिज ट्रांसपोर्ट सोसाइटीज एंड प्राइवेट बस ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. धन सिंह ने बताया कि हरियाणा में करीब 1,750 निजी बसें संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में डीजल की कीमत लगभग 62 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 95 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गई है। इससे कई रूटों पर बस संचालन आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं रह गया है।

सरकार के समक्ष रखी कई मांगे 

निजी बस संचालकों के संगठन ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं। इनमें यात्री किराया बढ़ाकर दो रुपये प्रति किलोमीटर करना, डीजल की कीमतों और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर वार्षिक किराया संशोधन की व्यवस्था लागू करना तथा मुफ्त और रियायती यात्रा श्रेणियों के लिए मिलने वाले प्रतिपूर्ति भुगतान को समय पर जारी करना शामिल है। इन मांगों को लेकर संगठन की ओर से राज्य परिवहन आयुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। अब बस संचालकों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।