हरियाणा में फतेहाबाद के बैंक में लाखों रुपये का बड़ा फ्रॉड, इन अधिकारियों पर FIR
मिली जानकारी के अनुसार, गबन के बाद से तीनों अधिकारी फरार हैं। कंपनी ने पहले अपने स्तर पर जांच कर इस गबन का पता लगाया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। अब पुलिस ने फतेहाबाद जिले के गांव साधनवास के कुलविंद्र, सिरसा के ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव चिलकनी ढाब के आनंद, सिरसा जिले के ही गांव धोतड़ ढाणी के गुरदास के खिलाफ केस दर्ज किया है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, कुलविंद्र इस कंपनी में बतौर असिस्टेंट मैनेजर और आनंद व गुरदास सेंटर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। गबन का खुलासा होने के बाद से तीनों फरार चल रहे हैं।
शिकायत में लगे आरोप...
मिली जानकारी के अनुसार, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक के एरिया कोलेक्शन मैनेजर अभय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ पार्टनर है, जो गरीबी रेखा वाले व शहरी उपभोक्ताओं को रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार समूह लोन की सुविधा देती है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं का लोन करने के बाद हर महीने उपभोक्ताओं की किश्त कर्मचारियों द्वारा इकट्ठा की गई। जब कंपनी द्वारा इन अधिकारियों से हिसाब मांगा गया तो पता चला कि इन तीनों ने सांठगांठ करके उपभोक्ताओं से लोन की किश्तें इकट्ठा करके कंपनी के खाते में जमा नहीं करवाई।
आरोप है कि इन तीनों अधिकारियों ने मिलकर सितंबर महीने में यह गड़बड़ी की है। इसके बाद से लगातार कंपनी इनसे रुपयों की रिकवरी के प्रयास करती रही। मगर भी तक इन्होंने कोई पैसा जमा नहीं करवाया है। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, मामले का खुलासा होने के बाद इन लोगों को पैसा जमा करवाने के लिए कहा, तो कुलविंद्र सिंह ने 15 सितंबर 2025 तक का समय मांगा। बाद में पता चला कि कुलविंद्र सिंह ने 5 लाख 19 हजार 378 रुपए और गुरदास ने 32 हजार 500 रुपए इकट्ठे करके ब्रांच में जमा नहीं करवाए। आनंद ने भी उपभोक्ताओं के 1 लाख 77 हजार 645 रुपए गबन कर लिए।
जानकारी के मुताबिक, आरोप है कि इन अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से एकत्रित की गई किश्त की राशि बैंक में जमा करवाने की बजाय पर्सनल काम में लगा दी। इसके बाद कंपनी ने रिकवरी के लिए इन तीनों को लीगल नोटिस भी भेजे हैं, लेकिन पैसों की वापसी नहीं हुई है। Haryana News
कितनों के साथ फ्रॉड
मिली जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद शहर थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। इसमें आगामी जांच की जाएगी। जांच के दौरान ही पता चलेगा कि इन लोगों ने कितने उपभोक्ताओं के साथ फ्रॉड किया है।