1 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप, 4 लाख रुपये लेते हुए आरोपी गिरफ्तार
यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर जिले में पुलिस ने एक शराब कारोबारी को कथित तौर पर ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कारोबारी से करोड़ों रुपये की उगाही की कोशिश कर रहा था। शनिवार को उसे 4 लाख रुपये की कथित रंगदारी राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिव शक्ति साहनी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है और वर्तमान में जगाधरी के सेक्टर-17 में रह रहा था। उसे जगाधरी स्थित जिमखाना क्लब से गिरफ्तार किया गया।
छप्पर थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई पंचकूला के सेक्टर-12 निवासी विनय साहनी की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि शिव साहनी और उसके सहयोगी लगातार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर उसे विभिन्न मामलों को लेकर परेशान कर रहे थे। विनय साहनी के अनुसार, आरोपी और उसके एक साथी ने उसके तथा उसके परिचितों के खिलाफ विभिन्न सरकारी विभागों में शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दी थीं। जब उसने इन शिकायतों के बारे में पूछा तो आरोपियों ने उन्हें वापस लेने के बदले 1 करोड़ रुपये की मांग की। साथ ही पैसा नहीं देने पर कारोबार बर्बाद करने और जान-माल का नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।
शिकायतकर्ता का दावा है कि बातचीत के दौरान आरोपियों ने बाद में मांग की राशि घटाकर 72 लाख रुपये कर दी। विनय ने आरोप लगाया कि अपने कारोबार और व्यक्तिगत सुरक्षा को बचाने के लिए उसने 29 मई को आरोपियों को 2.5 लाख रुपये भी दिए थे। इसके बावजूद आरोपी लगातार बाकी रकम की मांग करते रहे और धमकियां देते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर निगरानी रखनी शुरू कर दी। इसी दौरान शनिवार को जब शिकायतकर्ता कथित तौर पर जगाधरी के जिमखाना क्लब में 4 लाख रुपये देने पहुंचा, तब पुलिस ने जाल बिछाकर शिव साहनी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में शिव साहनी समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
वहीं, आरोपी के बेटे नमन साहनी ने मीडिया से बातचीत में अपने पिता को निर्दोष बताया है। उसका कहना है कि यह मामला रंगदारी का नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के बीच हुए एक कारोबारी लेन-देन और हिसाब-किताब से जुड़ा विवाद है। उसने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने समझौते के लिए उसके पिता को बुलाया था और उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।