स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही व गुणवत्ता करनी होगी सुनिश्चित :- उपायुक्त सचिन गुप्ता
रोहतक, 15 जुलाई। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए तथा सभी कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी की जाए।
सचिन गुप्ता स्थानीय कैंप कार्यालय के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, टीकाकरण कार्यक्रम, गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनसीडी), टीबी उन्मूलन, डेंगू एवं मलेरिया रोकथाम, परिवार कल्याण, आयुष्मान भारत योजना, 112 एम्बुलेंस सेवा तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला में गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीकरण 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 100 रहा है। नवजात शिशुओं को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान कराने की दर 91 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके अलावा, जिला में टीकाकरण कार्यक्रम भी संतोषजनक रूप से संचालित किया जा रहा है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों तथा गर्भवती महिलाओं की चार एएनसी जांचों और प्रसव पूर्व देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाए। गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिला में मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा कैंसर की स्क्रीनिंग अभियान को गति दी गई है और बड़ी संख्या में पात्र आबादी का पंजीकरण किया जा चुका है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्क्रीनिंग गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
मौसमी बीमारियों की रोकथाम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने प्रत्येक शुक्रवार को ‘ड्राई डे’ मनाने, जलभराव वाले स्थलों की नियमित निगरानी करने तथा एंटी-लार्वा गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिला में 112 एम्बुलेंस सेवा, मोबाइल मेडिकल यूनिट, मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति कार्यक्रम तथा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत भी प्रभावी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रोगियों की पहचान और उपचार की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
सचिन गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड विजिट बढ़ाएं, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें और आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार लाएं। बैठक में सिविल सर्जन डॉ कमला वर्मा, उप सिविल सर्जन डॉ सुशीला गोदारा, डॉ अनिलजीत त्रेहान, डॉ अंजली अरोड़ा, डॉ विजय ढुल, डॉ विकास, डॉ परितेव, डॉ प्रतिभा, डॉ देवेंद्र कौर, डॉ दिनेश गर्ग, डॉ समीर मिनोचा, डॉ विनती, डॉ रमेश जैन, डॉ आर के चौधरी, डॉ ज्योति व डॉ श्रेया सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।