इस Expressway पर बनेगा अंडरग्राउंड ट्रंपेट इंटरचेंज, 923 करोड़ आएगी लागत
अधिकारियों के अनुसार, यह इंटरचेंज मानेसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले वाहनों के लिए भी आवाजाही आसान करेगा। प्रस्तावित इंटरचेज अंडरग्राउंड होगा और इसे इस तरह बनाया जाएगा, जिससे एक्सप्रेस वे के ट्रैफिक पर असर नहीं पड़े।
जानें कब शुरू होगा काम
अधिकारियों का कहना है कि योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। तीन महीने के भीतर काम शुरू करने की तैयारी है। निर्माण पूरा होने में 30 महीने लगने की संभावना है। प्रॉजेक्ट के तहत 32 किलोमीटर लंबी अप्रोच रोड और रैप बनेंगे, जो अंडरवास को ग्लोबल सिटी और विजन सिटी की आतरिक सड़कों से जोड़ेंगे। वाहन बिना किसी सिग्नल सीधे एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों में प्रवेश कर सकेंगे और बाहर निकल सकेंगे। खासतौर पर मानेसर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए घुमावदार लूप रैप बनाया जाएगा ताकि वाहन आसानी से मुड़ सके।
इटरचेंज को एक्सप्रेसवे की सतह से लगभग 30 फीट नीचे बनाया जाएगा। निर्माण के लिए बॉक्स पुशिंग तकनीक अपनाई जाएगी, जिसमें बड़े प्रीकास्ट कंक्रीट बॉक्स को एक्सप्रेसवे के नीचे धकेलकर बनाया जाता है। इससे निर्माण के दौरान एक्सप्रेसवे के ट्रैफिक पर कम से कम असर पड़ता है।
क्या होता है ट्रंपेट इंटरचेंज?
टूपेट इंटरचेंज वह पॉइंट होता है, जहां कोई सड़क किसी हाइवे या एक्सप्रेसवे से मिलती है। इसका आकार संगीत वाद्ययंत्र तुरही (ट्रंपेट) जैसा होता है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया है। इसमें गाड़ियों को मुड़ने के लिए रुकना या ट्रैफिक सिग्नल का इंतजार नहीं करना पड़ा। गाड़ियां धुमावदार रैप का इस्तेमाल कर बिना किसी दूसरी वाहन के रास्ते में आए सुरक्षित रूप से एक्सप्रेसवे पर एंट्री पा उससे एग्जिट कर सकती है।