हरियाणा में 350 करोड़ का फसल बीमा घोटाला! 'अधिकारियों संग मिलकर बीमा कंपनियों में किसानों को लूटा'
Mar 21, 2025, 07:38 IST
भिवानी/दादरी: हरियाणा के भिवानी और चरखी दादरी जिलों में किसानों ने सरकार के अधिकारियों और बीमा कंपनी पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 350 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन 2023 में कपास की फसल बर्बाद होने के बावजूद उन्हें बीमा क्लेम की राशि नहीं दी गई। इसके विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों ने बृहस्पतिवार को दादरी लघु सचिवालय में धरना दिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
किसानों की प्रमुख मांगें:
- फसल बीमा क्लेम की 350 करोड़ की राशि तुरंत जारी की जाए।
- घोटाले में संलिप्त अधिकारियों और बीमा कंपनी पर सख्त कार्रवाई हो।
- किसानों के बैंक खातों में जल्द से जल्द बीमा राशि ट्रांसफर की जाए।
फसल बीमा घोटाले के आंकड़े:
- भिवानी जिले के किसानों को 200 करोड़ रुपए की राशि मिलनी थी।
- दादरी जिले के किसानों को 150 करोड़ रुपए का क्लेम मिलना था।
- सरकार और बीमा कंपनी के मिलीभगत से किसानों को क्लेम से वंचित रखा गया।
किसानों में आक्रोश, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने बीमा कंपनी और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के अधिकारों को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि घोटाले के जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जाना चाहिए और किसानों को उनका हक मिलना चाहिए।किसान नेताओं को हिरासत में लेने पर रोष
इस दौरान किसान नेताओं को वार्ता के बहाने बुलाकर हिरासत में लिए जाने पर भी किसानों में भारी रोष देखा गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र और किसानों की आवाज दबाने की साजिश करार दिया और सरकार की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।गांव-गांव जाकर घोटाले का करेंगे पर्दाफाश
किसान संगठनों ने घोषणा की है कि वे गांव-गांव जाकर इस घोटाले को उजागर करेंगे और किसानों को उनके अधिकारों के लिए लड़ने के लिए संगठित करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।धरने में शामिल प्रमुख किसान नेता:
- रणधीर सिंह कुंगड़ (अखिल भारतीय किसान सभा, दादरी जिला अध्यक्ष)
- कविता (अखिल भारतीय किसान सभा, भिवानी जिला सह सचिव)
- रणधीर सिंह घिकाड़ा (कर्मचारी नेता)
- रणबीर सिंह (अठगामा खाप प्रधान)
- कृष्ण फोगाट (किसान नेता)