जल्द शुरू होंगी सभी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां, यहां देखें सभी राज्यों की लिस्ट
मिली जानकारी के अनुसार, बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सरकार और स्कूल प्रशासन सतर्क हो गए हैं और कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी बीच अभिभावकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां कब से शुरू होंगी और कितने दिनों तक रहेंगी। Summer Vacation
बढ़ती गर्मी और प्रशासन
जानकारी के मुताबिक, भीषण गर्मी और लू के कारण आम जनजीवन पर असर साफ दिखाई देने लगा है। इस स्थिति को देखते हुए स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। कई जगह हर घंटे वॉटर बेल बजाई जा रही है ताकि बच्चे समय-समय पर पानी पीते रहें और डिहाइड्रेशन से बच सकें। Summer Vacation
बदले स्कूल के नियम
मिली जानकारी के अनुसार, गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए कई राज्यों ने अपने स्तर पर फैसले लिए हैं। छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल जैसे राज्यों में पहले ही गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। वहीं कुछ राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चे तेज धूप से बच सकें। सुबह जल्दी स्कूल खोलने का फैसला भी इसी दिशा में एक कदम है। Summer Vacation
कब से शुरू होंगी गर्मी की छुट्टियां?
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां आमतौर पर मई के दूसरे सप्ताह से शुरू होती हैं। पिछले शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार 11 मई से छुट्टियां शुरू हुई थीं, इसलिए इस बार भी इसी समय के आसपास हॉलिडे शुरू होने की संभावना है। सरकार जल्द ही इस पर अंतिम फैसला ले सकती है। Summer Vacation
50 दिन तक बंद स्कूल
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो दिल्ली में गर्मी की छुट्टियां करीब 50 दिनों तक रहती हैं। पिछले साल स्कूल 11 मई से 30 जून तक बंद रहे थे। इस बार भी ऐसा ही पैटर्न देखने को मिल सकता है। हालांकि, स्कूल खुलने से कुछ दिन पहले टिचर्स को बुलाया जा सकता है। Summer Vacation
स्कूल टाइम और छुट्टियों का शेड्यूल
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। गाजियाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में स्कूल का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है। वहीं गर्मी की छुट्टियां 20 मई से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चल सकती हैं। कुल मिलाकर, बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों में छुट्टियों और समय में बदलाव के जरिए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।