New Rules From 1 January, 2026: आज 1 जनवरी 2026 से हो रहे 10 बड़े बदलाव, सीधा आमजन की जेब पर पड़ेगा असर
गाड़ियों हुई महंगी
कई कार कंपनियों ने नए साल पर अपनी गाड़ियों की कीमत में बढ़ोतरी की घोषणा की है। हुंडई की गाड़ियों आज से 0.6 फीसदी महंगी हो गई हैं। इसी तरह रेनॉ इंडिया ने अपनी कारों की कीमतें 2% तक बढ़ाने की बात कही है। वहीं मर्सिडीज-बेंज इंडिया भी 2% तक कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है। JSW MG Motor India और निसान इंडिया ने भी जनवरी से इनपुट और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत के कारण लगभग 2-3% की बढ़ोतरी का संकेत दिया है।
PNG सस्ती, LPG महंगी
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने नए साल पर अपने ग्राहकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने घरेलू पाइप लाइन गैस PNG की कीमतों में 70 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की कटौती की है। इस कटौती के बाद दिल्ली में PNG की नई कीमत 47.89 रुपये प्रति SCM होगी। लेकिन 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर आज से महंगा हो गया है।
IOC की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 111 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर अब 1691.50 रुपये का हो गया है। आज से पहले इसका दाम 1580.50 रुपये था।
आठवां वेतन आयोग
सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है। इसकी सिफारिशें आने में समय लग सकता है लेकिन यह 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी होगा। कैबिनेट ने अक्टूबर में जारी अपने एक नोटिफिकेशन में कहा था कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर के रूप में मोटा पैसा मिलने की उम्मीद है।
पैन-आधार लिंक
पैन और आधार को लिंक करने की डेडलाइन 31 दिसंबर को खत्म हो गई है। यह उन पैन (PAN) कार्ड धारकों के लिए थी जिन्होंने अपना पैन बनवाने के लिए आधार नंबर के बजाय 'आधार एनरोलमेंट आईडी' का इस्तेमाल किया था। अगर आपने आधार और पैन को लिंक नहीं किया तो आपका पैन कार्ड बेकार हो सकता है।
इससे आप टैक्स रिटर्न नहीं भर पाएंगे। आपकी कमाई पर ज्यादा टीडीएस (TDS) कटेगा। इन्वेस्टमेंट, केवाईसी (KYC) और यहां तक कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के लिए आपके आवेदन रिजेक्ट हो सकते हैं।
ITR पर पेनल्टी
फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए रिवाइज्ड और बिलेटेड आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर थी। अगर आप अपना रिवाइज्ड ITR फाइल नहीं किया तो आपका टैक्स रिफंड लटक सकता है। अब आपको अपडेटेड रिटर्न भरना पड़ेगा जिस पर तगड़ा जुर्माना देना पड़ सकता है।
इसे असेसमेंट ईयर खत्म होने के 48 महीने बाद तक भरा जा सकता है। इसमें आप पुराने घाटे का क्लेम नहीं कर सकते। इस पर पेनल्टी टैक्स देना पड़ता है।
डिजिटल लेनदेन के नियम
1 जनवरी 2026 से डिजिटल लेन-देन के नियम सख्त हो रहे हैं। डिजिटल फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है। सरकार और आरबीआई ने गूगल पे, फोन पे और वॉट्सएप जैसे UPI प्लेटफॉर्म्स को अब ज्यादा सख्त केवाईसी प्रक्रिया का पालन करने को कहा है।
नए नियमों के मुताबिक मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन और अकाउंट लिंक करने की प्रोसेस में एक्स्ट्रा सेफ्टी लेयर जोड़ी जा रही है ताकि फर्जी अकाउंट्स पर लगाम लगाई जा सके।
छोटी बचत योजनाएं
सरकार PPF, सुकन्या समृद्धि और NSC जैसी छोटी बचत योजनाओं पर हर तिमाही ब्याज दरों की समीक्षा करती है। आरबीआई ने हाल में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की थी। इसके बाद बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई थी। इससे आशंका जताई जा रही थी कि 1 जनवरी से शुरू होने वाली तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स यानी डाकघर योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया जा सकता है। लेकिन सरकार ने इसमें एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया है।
रेलवे रिजर्वेशन
रेलवे ने टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को अधिक ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए आधार-ऑथेंटिकेटेड बुकिंग विंडो की शुरुआत कर दी है। जिन यूजर्स का प्रोफाइल आधार से वेरिफाइड है, वे 5 जनवरी 2026 से एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के पहले दिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक विशेष बुकिंग कर सकेंगे। इसी तरह 12 जनवरी 2026 से इस समय सीमा को बढ़ाकर रात 12 बजे तक कर दिया जाएगा। इसका मकसद फर्जी आईडी से होने वाली टिकटों की कालाबाजारी रोकना और वास्तविक यात्रियों को कंफर्म टिकट उपलब्ध कराना है।
फूड प्रोडक्ट्स के नियम सख्त
नए साल में खाने-पीने के उत्पादों के लिए मंजूरी पाना आसान नहीं होगा। नए खाद्य उत्पादों की सुरक्षा को लेकर सिर्फ दावों से काम नहीं चलेगा बल्कि इसके लिए ठोस वैज्ञानिक सबूत ही मान्य होंगे। किसी भी खाद्य पदार्थ की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए तो भारत का खाद्य नियामक अब वादों के बजाय सबूत मांगेगा। उत्पाद में क्या शामिल है, कितने समय के लिए सुरक्षित है के तमाम दावों पर पुख्ता जानकारी देनी होगी।
इस दिशा में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। 1 जनवरी, 2026 से खाद्य सुरक्षा की समीक्षा या खाद्य मानकों में बदलाव के लिए किए जाने वाले सभी आवेदन एक तय, मानकीकृत प्रारूप में ही स्वीकार किए जाएंगे।
रीट के बदले नियम
एक जनवरी 2026 से म्यूचुअल फंड्स और SIFs जो भी पैसा रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITS) में लगाएंगे, उसे इक्विटी में किया गया निवेश माना जाएगा। इस बारे में शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने पहले ही फैसला ले लिया है। दरअसल, सेबी ने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITS) को इक्विटी की कैटिगरी में डाल दिया है।
सेबी ने यह बदलाव इसलिए किया है ताकि म्यूचुअल फंड्स और स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs) इसमें ज्यादा से ज्यादा निवेश कर सकें। हालांकि, सेबी ने यह भी साफ किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) पहले की तरह 'हाइब्रिड' कैटिगरी (इक्विटी और डेट दोनों) में ही बने रहेंगे।