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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में नए नियम लागू, शिक्षक को सप्ताह में 36 पीरियड लेना अनिवार्य

 

New Rules For Schools in Haryana : हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नया फॉर्मूला लागू किया है। इसके तहत शिक्षा विभाग ने छठी कक्षा से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए नए सेक्शन नियम निर्धारित किए हैं। पहले 40 विद्यार्थियों पर एक सेक्शन बनाया जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50 विद्यार्थी प्रति सेक्शन कर दिया गया है।

शिक्षकों की भर्ती और वर्कलोड में बदलाव

हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए डिमांड भेजी जा चुकी है। साथ ही, हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट पर शिक्षकों की नियुक्ति की भी योजना है।

इसके अलावा, अब हर शिक्षक के लिए सप्ताह में 36 पीरियड लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

छठी से आठवीं तक शिक्षक पढ़ाएंगे अतिरिक्त विषय

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए नया युक्तिकरण (Rationalization) लागू किया है, जिसके तहत:

  • सामाजिक अध्ययन (SST) के शिक्षक अब अंग्रेजी भी पढ़ाएंगे।

  • साइंस के शिक्षक को गणित पढ़ाना होगा।

  • संस्कृत शिक्षक को हिंदी भी पढ़ानी होगी।

वर्कलोड और सेक्शन नियमों में बदलाव

शिक्षा विभाग ने पीजीटी, टीजीटी, ईएसएचएम, सीएंडवी और डीपीई शिक्षकों के वर्कलोड को लेकर नए नियम बनाए हैं।

अब इस तरह से बनेंगे नए सेक्शन:

विद्यार्थियों की संख्या सेक्शन
1-50 1 सेक्शन
51-90 2 सेक्शन
91-130 3 सेक्शन
131-170 4 सेक्शन
171-210 5 सेक्शन

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने जताई आपत्ति

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (Haryana Teachers' Association) ने इस रेशनेलाइजेशन नीति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की नियुक्ति होना चाहिए, न कि पदों को खत्म करना। संघ की मांगें हैं:

  • प्रत्येक विषय का शिक्षक उपलब्ध कराया जाए।

  • प्राथमिक विभाग में हर कक्षा को अलग-अलग अध्यापक मिले।

  • शिक्षक अपने मूल विषय के अलावा अन्य विषयों के साथ न्याय नहीं कर सकते।

  • एक कक्षा में पहले सेक्शन में 50 की बजाय 40 विद्यार्थी होने चाहिए।

  • 36 पीरियड पूरे होने के बाद नए पदों का सृजन किया जाए।

स्कूल हेड भी लेंगे क्लास

अब ईएसएचएम (Education Service Head Master) को टीजीटी का पूरा वर्कलोड दिया जाएगा।

  • हाई स्कूलों के प्रिंसिपल और हेडमास्टर को अपने विषय के कम से कम दो पीरियड लेने अनिवार्य होंगे।

  • सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पीजीटी और टीजीटी के पदों का निर्धारण किया गया है।

  • मिडिल हेड की जिम्मेदारी केवल 100+ छात्रों वाले स्कूलों में होगी, अन्यथा उसे विषय अध्यापक की भूमिका भी निभानी होगी।

नए नियमों पर सुझाव आमंत्रित

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और अधिकारियों से नए नियमों पर आपत्तियां एवं सुझाव मांगे हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश भेज दिए गए हैं।