180 से ज्यादा नाबालिगों का यौन शोषण, 350 अश्लील वीडियो... आरोपी के घर पर चला बुलडोजर
मिली जानकारी के अनुसार, इसके अलावा कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है और पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। इस मामले में अमरावती ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि अब तक 8 पीड़िताओं की पहचान हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, 3 और पीड़ितों की पहचान होने की संभावना है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पीड़ितों की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और उन्हें बिना डर के सामने आने की अपील की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अयान अहमद तनवीर अहमद (19 वर्ष), उजैर खान इकबाल खान 20 वर्ष), मोहम्मद साद मोहम्मद साबिर (22 वर्ष) और तरबेज खान तस्लीम खान (24 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी आरोपी अचलपुर और परतवाड़ा क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इनकी भूमिका मामले में अलग-अलग स्तर पर पाई गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने अमरावती शहर में किराए पर एक कमरा लिया था, जहां पीड़ित लड़कियों को लाकर उनके साथ कथित रूप से शोषण किया जाता था। इसी दौरान अश्लील वीडियो भी बनाए जाते थे। शुरुआती जांच में दो पीड़िताओं के साथ हुए शोषण के वीडियो भी बरामद किए गए हैं, जो इसी किराए के कमरे में रिकॉर्ड किए गए थे। यह घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने आरोपी अयान के घर पर बुलडोजर एक्शन लिया है।
शोषण और अश्लील वीडियो
पुलिस के अनुसार, एक आरोपी पर इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है, जबकि एक अन्य आरोपी ने वह कमरा उपलब्ध कराया था। इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए 47 सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व IPS अधिकारी शुभम कुमार कर रहे हैं। इस SIT में क्राइम ब्रांच, महिला पुलिस अधिकारी और अनुभवी जांच अधिकारी शामिल किए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों में मौजूद डाटा की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी कोशिश कर रही है कि जो वीडियो डिलीट किए गए हैं, उन्हें रिकवर किया जा सके ताकि जांच को और मजबूत किया जा सके।
जानकारी के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ वीडियो पहले से ही डिलीट किए गए थे, जिनकी डिजिटल रिकवरी की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इन डिजिटल सबूतों से मामले में और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी। SIT ने यह भी निर्णय लिया है कि घटनास्थल का रीक्रिएशन किया जाएगा, ताकि पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझा जा सके और अदालत में मजबूत सबूत प्रस्तुत किए जा सकें। इसके लिए आरोपियों को मौके पर ले जाकर पूरी प्रक्रिया को दोहराया जाएगा।
पुलिस की अपील
मिली जानकारी के अनुसार, घटनास्थल अमरावती शहर क्षेत्र में आता है, इसलिए शहर पुलिस आयुक्तालय भी इस जांच में सहयोग कर रहा है। पुलिस ने कहा है कि यह मामला गंभीर है और इसमें सभी स्तरों पर जांच की जा रही है। पुलिस ने आम जनता और पीड़ितों से अपील की है कि वो बिना किसी डर के आगे आएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि शिकायत को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और पीड़ितों की पहचान उजागर नहीं की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, इस मामले में कुछ रिपोर्ट्स में 180 पीड़ितों के होने का दावा किया गया है, लेकिन पुलिस ने फिलहाल इस संख्या की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।