90,000 रुपये की रिश्वत लेने वाला दरोगा गिरफ्तार, 50 हजार DSP को देने की थी बात
मदद के नाम पर रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, दरोगा देवकांत कुमार आर्म्स एक्ट के एक मामले में मदद करने के नाम पर रिश्वत ले रहे थे। इसी दौरान सादे लिबास में पहले से मौजूद निगरानी की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई निगरानी DSP श्रीराम चौधरी के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी दरोगा को अपने साथ पटना ले गई, जहां उन्हें निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा। Bihar Vigilance Action
तय हुई थी डील
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता नालंदा मोड़ निवासी डॉक्टर रवि शंकर कुमार ने बताया कि उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट का झूठा मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया था। आठ दिन बाद जमानत पर रिहा होने के बाद दरोगा ने केस डायरी में मदद के लिए पहले 20 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद एक लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में 90 हजार रुपये में तय हुई। Bihar Vigilance Action
लाइसेंसी रिवॉल्वर जब्त
पीड़ित से मिली जानकारी के अनुसार, दरोगा ने कहा था कि 50 हजार रुपये DSP को देने हैं और 40 हजार वह खुद रखेंगे। रिश्वत लेने के लिए दरोगा ने गिरियक मार्ग पर बुलाया था, जहां वह बाइक से पहुंचे और जैसे ही पैसे लिए, निगरानी की टीम ने उन्हें रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। Bihar Vigilance Action
जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी दारोगा का लाइसेंसी रिवॉल्वर भी जब्त कर लिया है। फिलहाल निगरानी विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है।