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Haryana News: हरियाणा में इन अधिकारियों को जबरन रिटायर कर सकती है सैनी सरकार, तैयार हुई 129 भ्रष्टाचारियों की लिस्ट

 
Haryana News: हरियाणा की सैनी सरकार ने रेवेन्यू विभाग के भ्रष्टाचारी कर्मचारियों की लिस्ट तैयार कर ली है और इन भ्रष्ट कर्मचारियों को 3 कैटेगरी में भी बांट दिया है। जिसके चलते भ्रष्ट कर्मचारियों की संख्य 108 से बढ़कर 129 हो गई है। ये सभी अधिकारी नायब तहसीलदार, तहसीलदार और जिला रेवेन्यू अफसर (DRO) पद पर तैनात हैं। प्रदेश सरकार की नजर सिर्फ रिश्वतखोरी नहीं बल्कि इनकम से ज्यादा प्रॉपर्टी बनाने को लेकर भी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने इन भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ सबूत इकट्‌ठा कर लिए हैं। वहीं दस्तावेजी जांच के बाद अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट की भी तैयारी कर ली है। इन्हें अब इन तीनों कैटेगरी में बांटकर उसी हिसाब से इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि CM नायब सैनी के पास इन 129 भ्रष्ट कर्मयारियों की फाइल पहुंच गई है। हालांकि,  पटवारियों और दलालों की लिस्ट लीक होने के बाद सैनी सरकार ने इन सभी भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट को पूरी तरह से प्राइवेट रखा गया है। कैटेगरी एक में सबसे भ्रष्ट खबरों की मानें, तो सैनी सरकार ने इसमें उन रेवेन्यू अधिकारियों को शामिल किया है। जिन्होंने गलत तरीके से 50 से ज्यादा रजिस्ट्री कीं है।  इनके खिलाफ हरियाणा सिविल सर्विस नियमों के रूल नंबर 7 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार इन्हें जबरन रिटायर तक का एक्शन भी ले सकते हैं।

दूसरी कैटेगरी कम भ्रष्ट

खबरों की मानें, तो इस दूसरी कैटेगरी में सरकार ने उन अफसरों को रखा है, जिन्होंने गलत तरीके से 50 से कम रजिस्ट्री कर अवैध तरीके से धन कमाया है। इनके खिलाफ सरकार हरियाणा सिविल सर्विस नियमों के रूल नंबर 8 के तहत कार्रवाई करेगी। इस धारा के तहत सरकार अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा और उन्हें अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका दिया जाएगा। इन अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

तीसरी कैटेगरी वित्तीय गड़बड़ी

खबरों की मानें, तो प्रदेश सरकार ने इस तीसरी कैटेगरी में उन अधिकारियों को रखा है। जिन पर उनके कार्यकाल के दौरान सरकार के रेवेन्यू का नुकसान पहुंचाने और भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगे है। अगर उन्होंने गलत तरीके से धन कमाया है और इसमें से अगर कोई अधिकारी रिटायरमेंट के करीब होगा तो सरकार उस पर भी कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, इस कैटेगरी में सरकार की ओर से अधिकारियों को राहत दी जा सकती है।