Gold Imports: क्या दुबई से सोना लाकर भारत में बेच सकते हैं? जानें कमाई या नुकसान
एक्सपर्ट्स ने बताया कि दुबई से सोना लाकर भारत में बेचना आपको कई परेशानियों का सबब बना सकता है और आपको कई मुश्किल में भी डाल सकता है। इस खबर में आपको बताने जा रहे हैं कि आप दुबई से कितना सोना ला सकते हैं।
उसकी प्रक्रिया क्या है? उससे आपको क्या फायदा और क्या नुकसान हो सकता है? चलिए समझते हैं। नंगाया ग्लोबल के फाउंडर सूरज नांगिया ने बताया है कि जो भारतीय 1 साल से ज्यादा विदेश में रह रहे हैं, वह ड्यूटी फ्री सिर्फ ज्वेलरी सकते हैं। पुरुष 20 ग्राम और महिलाएं 40 ग्राम तक सोना ला सकती है। गोल्ड बार या कॉइन पर पहले ग्राम से ही कस्टम ड्यूटी लगेगी।
ड्यूटी फ्री लिमिट से ऊपर कुल 1 किलोग्राम तक सोना लाया जा सकता है। लेकिन लागू ड्यूटी देनी होगी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी बताते हैं कि छोटे टूर पर गए यात्रियों को कोई ड्यूटी फ्री छूट नहीं मिलती है।
उन्हें सारा सोना कस्टम में बिल के साथ डिक्लेअ करना जरूरी है। सूरज नांगिया बताते हैं कि दुबई में कीमतें आमतौर पर भारत से 5 से 7% कम रहती है क्योंकि बुलियन पर इंपोर्ट ड्यूटी और जीएसटी नहीं है। पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक भारत में इंपोर्ट ड्यूटी 6% होने के बाद भी बड़ी मात्रा में कुछ कॉस्ट एडवांटेज मिल सकता है।
वेट रिफंड, हाई प्योरिटी,इंटरनेशनल प्राइसिंग और कम मेकिंग चार्ज भी आकर्षण है। ड्यूटी फ्री ज्वेलरी लिमिट से ऊपर टियर आधारित ड्यूटी लगती है जो करीब 3% से शुरू होकर 6% और 10% तक होती है। गोल्ड बार या फिर गोल्ड कॉइन पात्र यात्रियों के लिए 6% ड्यूटी जबकि शॉर्ट टर्म टूरिस्ट पर 36 से 38 तक लग सकती है।
भारत में बेचने पर 3% जीएसटी और करेंसी कन्वर्शन कॉस्ट भी जुड़ जाती है। बाद में बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स भी लग सकता है। इस तरह से आपको बाहर से लाया हुआ सोना भी महंगा पड़ सकता है और आपके लिए कोई फायदे का सौदा नहीं हो सकता है।