{"vars":{"id": "128336:4984"}}

GST Slabs : राहत! रोजमर्रा की जरूरत वाले सामान होंगे सस्ते, केंद्र सरकार बना रही ये मास्टर प्लान

 
GST Slabs : देश की आम जनता के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार रोजमर्रा की जरूरत वाले सामानों पर लगने वाले 12 प्रतिशत के GST स्लैब रेट में कटौती करने पर विचार कर रही है। जानकारी के मुताबिक अगर ऐसा ऐसे होता है तो घी-मक्खन, साबुन, जूते-चप्पल सहित कई सामान सस्ते दाम पर मिल सकेंगे। इससे मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास वालों को राहत मिलेगी।

इन चीजों के घट सकते है दाम

बताय जा रहा है कि सरकार 12 प्रतिशत के GST स्लैब को घटाकर 5 प्रतिशत लाने पर विचार कर रही है। सरकार अगर 5 प्रतिशत GST स्लैब को लागू करती है तो आपको 1000 रुपये कीमत से कम के जूते और कपड़े सस्ते दाम पर मिलेंगे। डेयरी प्रोडक्ट की बात करें तो घी, मक्खन, पनीर, डेयरी स्प्रेड के भी दाम घटेंगे। इसके अलावा, प्रोसेस्ड मांस-मछली, टॉफी-कैंडी और डेयरी ड्रिंक्स, सिरका, सब्जियां, फल ड्राई फ्रूट्स, नमकीन, भुजिया, सोया बरी, कॉटन हैंड बैग, 20 लीटर सील बंद पानी बोतल, चश्मा, पेंसिल, खेल के सामान, पास्ता, नूडल्स, मैकरोनी फलों की जेली,मशरूम आदि सस्ते दाम पर उपलब्ध होंगे।

राज्य सरकारों की सहमति जरूरी

केंद्र सरकार को इसके लिए राज्य सरकारों को तैयार करना होगा, क्योंकि स्लैब को घटाकर 5 प्रतिशत करने से उनके टैक्स रेवेन्यू में गिरावट आ सकती है। हालांकि, ग्राहकों को इसका काफी फायदा होगा। अगली जीएसटी परिषद की मीटिंग में इस पर फैसला लिया जा सकता है। वित्त मंत्री ने भी पहले कहा है कि हम मध्यम और निम्न मध्यवर्ग को ध्यान में रखते हुए सही फैसला करेंगे। आपको बता दें कि वैकल्पिक रूप से, सरकार 12% स्लैब को पूरी तरह से खत्म करने और वस्तुओं को मौजूदा निचले या हाई स्लैब में रीअलॉट करने का विकल्प चुन सकती है। सरकार अगर यह फैसला लेती है तो इससे जनसंख्या के एक बड़े हिस्से द्वारा उपभोग की जाने वाली आवश्यक वस्तुओं पर मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।