Dwarka Expressway: द्वारका एक्सप्रेसवे बनने से गुरुग्राम को होगा सबसे ज्यादा फायदा, जानें स्थायी रूप से कब खुलेंगे दोनों टनल
May 31, 2025, 08:56 IST
Dwarka Expressway: द्वारका एक्सप्रेसवे बनने से गुरुग्राम के लोगों का दिल्ली आना-जाना आसान हो गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर यातायात का दबाव काफी कम हो गया है। खबरों की मानें, तो खेड़कीदौला टोल प्लाजा से जहां पहले रोजाना करीब 85 हजार वाहन निकलते थे वहीं अब केवल 60 हजार वाहन ही निकल रहे हैं। ऐसे में रोजाना के वाहन चालकों में करीब 25 हजार की कमी आ चुकी है। वहीं दिल्ली वाला हिस्सा पूरी तरह से चालू नहीं होने के बाद भी द्वारका एक्सप्रेसवे से रोजाना करीब एक लाख वाहन चालक निकल रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि द्वारका एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने के बाद रोजाना डेढ़ लाख वाहन यहां से गुजरेंगे। Dwarka Expressway पूरी तरह बनने से खेड़कीदौला से लेकर दिल्ली के राजीव चौक तक Delhi-Gurugram Expressway पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा। वहीं उत्तर गुरुग्राम के सिरहौल बॉर्डर से लेकर धौलाकुआं तक एक्सप्रेसवे को एलिवेटेड किया जाना है। जिससे सिरहौल बॉर्डर से लेकर धौलाकुआं तक का दबाव भी कम हो जाएगा। अभी यहां यातायात का भारी दबाव है। जिसके चलते रोजाना सिरहौल बॉर्डर से करीब साढ़े तीन लाख वाहन गुजरते हैं। कहां से कहां तक बना है द्वारका एक्सप्रेसवे दरअसल, खेड़कीदौला टोल प्लाजा से लेकर महिपालपुर में शिवमूर्ति के सामने तक द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है। इसका लाभ साउथ गुरुग्राम के ही नहीं बल्कि रेवाड़ी तक के लोग उठा रहे हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण से पहले मानेसर और द्वारका एक्सप्रेसवे के इलाके में रहने वाले लोगों के पास दिल्ली जाने के लिए दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से निकलना पड़ता था। अब अधिकतर वाहन चालक विभिन्न मार्गों का प्रयोग करते हुए सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे पर चढ़ जाते हैं। उन्हें जिसके चलते उन्हें खेड़कीदौला टोल प्लाजा भी पार नहीं करना पड़ता है। गुरुग्राम में है द्वारका एक्सप्रेसवे का ज्यादा हिस्सा बता दें कि द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली वाले हिस्से में बनाई गई 3.5 KM लंबी टनल और 2.2 KM लंबी एयरपोर्ट टनल का ट्रायल गुरुवार से शुरू हो चुका है। यह ट्रायल अगले चार दिनों तक ही किया जाएगा। सोमवार से इन दोनों टनल को बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि पांच जून तक दोनों टनलों को स्थायी रूप से चालू किया जा सकेगा। Dwarka Expressway का 18.9 किलोमीटर हिस्सा गुरुग्राम में बना हुआ है। वहीं दिल्ली में Dwarka Expressway का 10.1 KM हिस्सा बनाया जा रहा है।