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Anil Vij and Haryana CMO Controversy: 2 महीने बाद, खट्टर-विज विवाद सुलझा, मंत्री फाइलें निपटाने को हुए राजी

 


चंडीगढ़: स्वास्थ्य विभाग के कामकाज में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के कथित "हस्तक्षेप" को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के बीच दो महीने से अधिक पुराना गतिरोध समाप्त हो गया है। इसके साथ ही विज आज से स्वास्थ्य विभाग की फाइलें निपटाने में जुट जाएंगे।


7 दिसंबर को दोनों के बीच एक बैठक के बाद खट्‌टर और विज के बीच 'समझौता' हुआ, जिसमें खट्‌टर के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर की पत्नी और महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा (डीजीएचएस) सोनिया त्रिखा को हटाने का निर्णय लिया गया।


खुल्लर 5 अक्टूबर को विज को जानकारी में रखे बिना विभाग की समीक्षा बैठक बुलाकर स्वास्थ्य विभाग में कथित हस्तक्षेप को लेकर विवादों में थे।


उनकी अनुमति के बिना बैठक पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विज ने 5 अक्टूबर से विभाग की फाइलों को मंजूरी देना बंद कर दिया था।



इस बीच, विज को शांत करने के लिए त्रिखा से डीजीएचएस का प्रभार वापस लेने के बाद, खासकर 15 दिसंबर से शुरू होने वाले आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए, खट्टर ने उन्हें हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के सदस्य के संवैधानिक पद पर पदोन्नत किया।


ऐसा जाहिर तौर पर अपने करीबी विश्वासपात्र राजेश खुल्लर को खुश रखने के मकसद से किया गया था।


मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संज्ञान में लाया गया और समझा जाता है कि विज ने उनकी चिंताओं का समाधान नहीं होने पर स्वास्थ्य विभाग छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है।