8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर आया बड़ा अपडेट! इतनी बढ़ जाएगी सैलरी
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि आयोग का गठन कब होगा और सिफारिशें कब लागू होंगी। हालांकि, पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखें तो एक बात साफ है कि लागू होने में भले ही समय लगता है, लेकिन वेतन बढ़ोतरी पिछली तारीख से लागू की जाती है। इसी वजह से कर्मचारियों को मोटा एरियर मिलता है।
1 जनवरी 2026 को क्यों माना जा रहा है अहम?
7वें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया है। परंपरा के अनुसार, नया वेतन आयोग चक्र इसके अगले दिन यानी 1 जनवरी 2026 से शुरू माना जाता है। इससे पहले भी यही पैटर्न देखने को मिला है।
6वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2006 से और 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से पिछली तारीख से लागू किया गया था।
हालांकि सरकार ने अभी तक यह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा, लेकिन कर्मचारी संगठनों और जानकारों का मानना है कि इस बार भी यही तरीका अपनाया जा सकता है।
लागू होने में देरी तो एरियर होगा भारी
अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में 18 से 24 महीने का समय लगता है, तो कर्मचारियों को उतने ही समय का एरियर मिलने की संभावना बनती है। यही वजह है कि एरियर की संभावित रकम को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
पिछली बार सैलरी में कितना बदलाव हुआ था?
6वें वेतन आयोग में लेवल-1 कर्मचारी का बेसिक पे 7,000 रुपये था। उस पर 125 प्रतिशत महंगाई भत्ता, HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस मिलाकर कुल ग्रॉस सैलरी X शहर में करीब 19,200 रुपये, Y शहर में 18,050 रुपये और Z शहर में 17,350 रुपये के आसपास थी।
7वें वेतन आयोग में पे मैट्रिक्स लागू हुई और लेवल-1 का बेसिक पे सीधे 18,000 रुपये तय किया गया। उस समय डीए को बेसिक में मर्ज कर दिया गया था। इसके बाद शुरुआती ग्रॉस सैलरी X शहर में करीब 24,000 रुपये, Y शहर में 22,000 रुपये और Z शहर में 20,200 रुपये तक पहुंच गई।
इस तरह हर महीने सैलरी में 2,800 से 4,800 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी।
मौजूदा समय में सैलरी कितनी है?
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-1 का बेसिक पे 18,000 रुपये ही है, लेकिन महंगाई भत्ता बढ़कर करीब 58 प्रतिशत हो चुका है। इससे ग्रॉस सैलरी लगभग 34,000 से 35,000 रुपये के आसपास पहुंच गई है।
अगर 8वें वेतन आयोग में देरी होती है और डीए 68 प्रतिशत तक पहुंचता है, तो ग्रॉस सैलरी करीब 36,000 रुपये तक हो सकती है।
8वां वेतन आयोग भी पुराने पैटर्न पर चला तो?
अगर 8वें वेतन आयोग में भी 7वें वेतन आयोग जैसा ही ढांचा अपनाया गया और फिटमेंट फैक्टर करीब 2.57 के आसपास रहा, तो कुल सैलरी में लगभग 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। ऐसे में अनुमानित नई ग्रॉस सैलरी करीब 45,000 रुपये प्रति माह हो सकती है।
इस हिसाब से मौजूदा सैलरी की तुलना में हर महीने करीब 9,000 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
24 महीने का एरियर कितना बन सकता है?
अगर नई सैलरी 24 महीने पिछली तारीख से लागू होती है, तो लेवल-1 कर्मचारी को करीब 2.17 लाख रुपये का एरियर मिल सकता है। उच्च स्तर के कर्मचारियों के लिए यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर ही तय करेगा असली तस्वीर
हालांकि यह पूरा आंकलन अनुमानों पर आधारित है। ब्रोकरेज फर्म Ambit Capital के मुताबिक फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में इसे 1.8 तक सीमित बताया गया है। फिटमेंट फैक्टर कम या ज्यादा होने से सैलरी और एरियर दोनों पर सीधा असर पड़ेगा।